By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: 8वें वेतन आयोग के गठन से मप्र के कर्मचारी खुश
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
K News 18 > Blog > राज्य > मध्यप्रदेश > 8वें वेतन आयोग के गठन से मप्र के कर्मचारी खुश
मध्यप्रदेशराज्य

8वें वेतन आयोग के गठन से मप्र के कर्मचारी खुश

News Desk
Last updated: 2025/01/18 at 10:47 AM
News Desk
Share
5 Min Read
8वें वेतन आयोग के गठन से मप्र के कर्मचारी खुश
SHARE

भोपाल । भारत सरकार ने बहुप्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है, जो बाजार के वर्तमान हालात को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि (न्यूनतम और अधिकतम वेतन) की अनुशंसा करेगा। आयोग के गठन से मध्य प्रदेश के कर्मचारी भी प्रसन्न दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों की वेतनवृद्धि के बाद राज्य के कर्मचारियों की भी वेतनवृद्धि होगी। बता दें कि केंद्र सरकार प्रत्येक 10 साल में नया वेतन आयोग लाती है। कर्मचारियों को वर्तमान में 7वें वेतनमान का लाभ मिल रहा है। जिसका कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा। आठवां वेतनमान जनवरी 2026 से लागू होना है।
बताया जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग 1.92 के फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल करके वेतन मैट्रिक्स तैयार करेगा। यानी 1800 रुपए ग्रेड पे के साथ 18000 रुपए सैलरी लेने वाले केंद्रीय कर्मचारी की सैलरी 8वें वेतन आयोग की अनुशंसा के बाद 34,560 रुपए हो जाएगी। वहीं कैबिनेट सचिव स्तर के ऐसे अधिकारी जिन्हें अधिकतम 2.5 लाख रुपए की बेसिक सैलरी मिलती है, जो बढक़र तकरीबन 4.8 लाख रुपए हो सकती है। इससे राज्य के कर्मचारियों की सैलरी में भी अच्छा उछाल आने की उम्मीद है। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक कहते हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के बाद राज्य के कर्मचारियों द्वारा केंद्र के समान वेतन मांगने की परंपरा रही है। उसी का पालन अब भी किया जाएगा। राज्य सरकार वेतन आयोग की कुछ अनुशंसाएं लागू करती है, तो कुछ नहीं भी करती है।

आजादी के पहले गठित हुआ था पहला वेतन आयोग
भारत में पहला वेतन आयोग आजादी के पहले 1946 में गठित हुआ था। जिसके अध्यक्ष श्री निवास वरदाचार्य थे। इसके बाद साल 1957, 1970, 1983, 1994, 2006 एवं 2013 में केंद्रीय वेतन आयोग गठित होते रहे हैं। 2013 में जस्टिस अशोक कुमार माथुर की अध्यक्षता में 7वां वेतन आयोग गठित हुआ था, जिसकी अनुशंसाएं 1 जनवरी 2016 से लागू हुईं और वर्तमान में प्रभावशील हैं। 8वां वेतनमान 1 जनवरी 2026 से लागू होना है। उल्लेखनीय है कि बाजार को देखते हुए केंद्र सरकार हर 10 साल में कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करती है। केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसाएं केवल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए होती हैं, पर राज्यों के कर्मचारी संघर्ष कर वेतनमान सहित कुछ अनुशंसाएं अपने लिए लागू कराने में सफल होते आए हैं। मध्य प्रदेश के कर्मचारी 1989 में पहली बार केंद्रीय वेतनमान लेने में सफल हुए थे, जिसको 1986 से नोशनली लागू माना गया था। तभी से यहां के कर्मचारियों को केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसाओं का लाभ मिलता आ रहा है।

आयोगों ने ऐसे दी कर्मचारियों को राहत
पहले और दूसरे वेतन आयोग जीवन निर्वाह लायक वेतन सुनिश्चित करने का विचार लेकर चले। तीसरे और चौथे वेतन आयोग ने आकर्षक वेतन देने का विचार अपनाया, ताकि योग्य व्यक्ति शासकीय सेवा में आएं। पांचवें वेतन आयोग का सरकारी कर्मचारियों की संख्या कम करने पर फोकस था। उसने अमले में 30 प्रतिशत कटौती की अनुशंसा की थी। छठे वेतन आयोग ने वेतनमानों की अस्पष्टता और संख्या कम करने पर जोर दिया। सातवें वेतन आयोग ने पे बैंड और ग्रेड वेतन की अवधारणा लागू की। यह भी अनुशंसा की कि जब भी महंगाई भत्ता मूल वेतन का 50 प्रतिशत हो जाए तो उसे मूल वेतन में मर्ज कर दिया जाए।

ये रहे फिटमेंट फैक्टर
केंद्रीय वेतन आयोग सबसे पहले न्यूनतम वेतन (भृत्य) और अधिकतम वेतन (कैबिनेट सेक्रेटरी) को निर्धारित करता है। इनके बीच अन्य वेतनमानों की संरचना होती है। पहले आयोग ने न्यूनतम वेतन 55 रुपए और अधिकतम 2000 रुपए तय किया था। 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम 18000 रुपए और अधिकतम 2,50000 रुपए तय किया। पहले आयोग के समय न्यूनतम अधिकतम का अनुपात 1:40 था, जो सातवें वेतन आयोग में घटकर 1:14 हो गया। कर्मचारी और श्रम संगठन इस अनुपात को 1:40 पर लाने की मांग उठाते आए हैं।

You Might Also Like

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू सुशासन, नीति निर्माण और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा….

रायगढ़ में विकास को मिल रही नई रफ्तार, हर क्षेत्र में मजबूत हो रही सुविधाओं की नींव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी……

बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस, प्रदेश में 18 अगस्त को टेबल टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइज….

एनडीएमए एवं एनडीआरएफ की संयुक्त बैठक सम्पन्न…..

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों के सम्मान और श्वोकल फॉर लोकलश् अभियान को मजबूत बनाने की अपील…..

News Desk January 18, 2025 January 18, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने बीजेपी और AAP पर लगाए आरोप कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने बीजेपी और AAP पर लगाए आरोप
Next Article अपने बयान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने माफी मांगी  अपने बयान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने माफी मांगी 
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू  सुशासन, नीति निर्माण और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा….
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आईआईएम रायपुर के बीच एमओयू सुशासन, नीति निर्माण और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
रायगढ़ में विकास को मिल रही नई रफ्तार, हर क्षेत्र में मजबूत हो रही सुविधाओं की नींव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी……
रायगढ़ में विकास को मिल रही नई रफ्तार, हर क्षेत्र में मजबूत हो रही सुविधाओं की नींव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी……
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस, प्रदेश में 18 अगस्त को टेबल टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइज….
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस, प्रदेश में 18 अगस्त को टेबल टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइज….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
एनडीएमए एवं एनडीआरएफ की संयुक्त बैठक सम्पन्न…..
एनडीएमए एवं एनडीआरएफ की संयुक्त बैठक सम्पन्न…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Pragya Telang
मोबाइल - 7999882386
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - G2 Amrit Niwas , Gandhi Nagar , Gudhiyari , Raipur , Chhattisgarh
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?