By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: चुनावी बॉन्ड मामले में आमने सामने सुप्रीम कोर्ट (SC) बार एसोसिएशन, अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
K News 18 > Blog > देश > चुनावी बॉन्ड मामले में आमने सामने सुप्रीम कोर्ट (SC) बार एसोसिएशन, अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा…
देश

चुनावी बॉन्ड मामले में आमने सामने सुप्रीम कोर्ट (SC) बार एसोसिएशन, अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा…

Last updated: 2024/03/13 at 11:21 AM
Share
5 Min Read
चुनावी बॉन्ड मामले में आमने सामने सुप्रीम कोर्ट (SC) बार एसोसिएशन, अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा…
SHARE

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की कार्यकारी समिति ने मंगलवार को एससीबीए प्रमुख आदीश सी अग्रवाल द्वारा राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र से खुद को अलग कर लिया है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रमुख आदिश अग्रवाल ने एक असामान्य घटनाक्रम में मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उनसे चुनावी बॉण्ड योजना संबंधी फैसले के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय से परामर्श लेने का आग्रह किया था।

बार एसोसिएशन ने पत्र की भाषा की भी निंदा की है और इसे सर्वोच्च न्यायालय के “अधिकार को खत्म करने और कमजोर करने का प्रयास” बताया।

राष्ट्रपति से पत्र में क्या मांग की?

आदिश सी अग्रवाल ऑल इंडिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने न्यायालय से यह भी आग्रह करने का अनुरोध किया कि जब तक शीर्ष अदालत मामले की दोबारा सुनवाई न कर ले, तब तक संबंधित फैसले पर अमल न किया जाए।

अग्रवाल ने राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में कहा है, ‘‘विभिन्न राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले कॉरपोरेट घरानों के नामों का खुलासा करने से ये घराने उत्पीड़न की दृष्टि से संवेदनशील हो जाएंगे।’’

अग्रवाल ने कहा, ‘‘अगर कॉरपोरेट घरानों के नाम और विभिन्न दलों को दिये गये चंदे की राशि का खुलासा किया जाता है, तो कम चंदा पाने वाले दलों द्वारा इन्हें निशाना बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है और उन्हें परेशान किया जाएगा। यह (कॉरपोरेट कंपनियों से) स्वैच्छिक चंदा स्वीकार करते वक्त उनके साथ किये गये वादे से मुकरने जैसा होगा।’’

उन्होंने कहा कि यदि सभी संवेदनशील जानकारियों को जारी किया जाता है, और वह भी पूर्वव्यापी प्रभाव से तो इससे ‘अंतरराष्ट्रीय जगत में राष्ट्र की प्रतिष्ठा’ धूमिल होगी। उन्होंने कहा कि खुलासे से भविष्य में चंदा खत्म हो जाएगा और इस तरह का कृत्य विदेशी कॉरपोरेट संस्थाओं को भारत में अपना कारोबार स्थापित करने या लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने से हतोत्साहित एवं विरत करेगा।

हालांकि यह पत्र ‘ऑल इंडिया बार एसोसिएशन’ के लेटरहेड पर छपा था, लेकिन इसमें अग्रवाल के हस्ताक्षर के नीचे उनका पदनाम ‘एससीबीए अध्यक्ष’ लिखा था। इसके खिलाफ एससीबीए सचिव रोहित पांडे ने प्रस्ताव पारित किया है।

उन्होंने प्रस्ताव में लिखा, “इसलिए, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के लिए यह स्पष्ट करना जरूरी हो गया है कि समिति के सदस्यों ने न तो राष्ट्रपति को ऐसा कोई पत्र लिखने के लिए (अध्यक्ष को) अधिकृत किया है और न ही वे उसमें व्यक्त किए गए उनके विचारों से सहमत हैं।”

इसमें कहा गया है, “सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति इस कृत्य के साथ-साथ इसकी भाषा को भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार को खत्म करने और कमजोर करने के प्रयास के रूप में देखती है और स्पष्ट रूप से इसकी निंदा करती है।”

एससीबीए अध्यक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू से चुनावी बॉण्ड मामले में उच्चतम न्यायालय से परामर्श मांगने का आग्रह किया, ताकि पूरे मामले में दोबारा सुनवाई हो सके और ‘‘भारत की संसद, राजनीतिक दलों, कॉरपोरेट और आम जनता’’ को पूरा न्याय मिल सके। संविधान का अनुच्छेद 143 सर्वोच्च न्यायालय को ‘परामर्श का क्षेत्राधिकार’ प्रदान करता है और भारत के राष्ट्रपति को शीर्ष न्यायालय से परामर्श लेने का अधिकार देता है।

यदि राष्ट्रपति को ऐसा लगता है कि विधि या तथ्य का कोई प्रश्न वर्तमान या भविष्य में उठ सकता है तथा शीर्ष अदालत की राय प्राप्त करना जरूरी है, तो राष्ट्रपति उस प्रश्न को उच्चतम न्यायालय के समक्ष परामर्श के लिये भेज सकता है।

शीर्ष अदालत ने सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक को आदेश दिया था कि वह राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए चुनावी बॉण्ड के विवरण को 12 मार्च को कामकाजी अवधि की समाप्ति तक निर्वाचन आयोग को अवगत कराए।

न्यायालय ने बैंक को यह भी चेतावनी दी थी कि यदि बैंक उसके निर्देशों और समय-सीमा का पालन करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ ‘‘जानबूझकर अवज्ञा’’ करने का मामला चलाया जा सकता है।

You Might Also Like

ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

March 13, 2024 March 13, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article पीएम मोदी ने ऋषि सुनक को लगाया टेलीफोन, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने समेत किन मुद्दों पर हुई बात… पीएम मोदी ने ऋषि सुनक को लगाया टेलीफोन, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने समेत किन मुद्दों पर हुई बात…
Next Article पाकिस्तान में भी लागू होगा CAA, भारतीय मुसलमानों को मिलेगी नागरिकता? वायरल दावे की क्या सच्चाई… पाकिस्तान में भी लागू होगा CAA, भारतीय मुसलमानों को मिलेगी नागरिकता? वायरल दावे की क्या सच्चाई…
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

सिम्स में पहली बार 78 वर्षीय महिला के अंडाशय कैंसर की सफल सर्जरी, एक किलो का ट्यूमर निकाल महिला को दिया नया जीवन….
सिम्स में पहली बार 78 वर्षीय महिला के अंडाशय कैंसर की सफल सर्जरी, एक किलो का ट्यूमर निकाल महिला को दिया नया जीवन….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, SASCI 2026-27 के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़….
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, SASCI 2026-27 के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा…..
जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
विश्व स्तनपान सप्ताह के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सफल आयोजन, छत्तीसगढ़ के प्रथम “मातृ दूध कोष (Mother Milk Bank)” की घोषणा……
विश्व स्तनपान सप्ताह के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सफल आयोजन, छत्तीसगढ़ के प्रथम “मातृ दूध कोष (Mother Milk Bank)” की घोषणा……
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Pragya Telang
मोबाइल - 7999882386
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - G2 Amrit Niwas , Gandhi Nagar , Gudhiyari , Raipur , Chhattisgarh
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?