By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: अनिमेष कुजूर छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव से निकलकर भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर बन चुके, इतिहास रचने की ओर
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
K News 18 > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > अनिमेष कुजूर छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव से निकलकर भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर बन चुके, इतिहास रचने की ओर
छत्तीसगढ़राज्य

अनिमेष कुजूर छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव से निकलकर भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर बन चुके, इतिहास रचने की ओर

News Desk
Last updated: 2025/07/18 at 4:05 PM
News Desk
Share
16 Min Read
अनिमेष कुजूर छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव से निकलकर भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर बन चुके, इतिहास रचने की ओर
SHARE

रायपुर 

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव घुइटानगर से निकले 22 वर्षीय अनिमेष कुजूर आज भारत के सबसे तेज धावक बन चुके हैं. मात्र 10.18 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी कर उन्होंने गुरिंदरवीर सिंह का रिकॉर्ड तोड़ा और भारतीय एथलेटिक्स में एक नई क्रांति की शुरुआत की. अब वे सिर्फ देश नहीं, बल्कि विश्व पटल पर भारत की पहचान बनाने की राह पर हैं.

मोनाको डायमंड लीग में हिस्सा लेने वाले पहले भारतीय स्प्रिंटर बनकर अनिमेष ने इतिहास रच दिया है. यहां उन्होंने 200 मीटर U-23 स्पर्धा में भाग लिया और दुनिया के दिग्गज एथलीट्स के सामने भी आत्मविश्वास से दौड़े. हालांकि वे केवल 0.10 सेकंड से पोडियम से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भारत के लिए गर्व का विषय बना.
गांव से लेकर ग्लोबल मंच तक

कोविड लॉकडाउन के दौरान जब दुनिया ठहर सी गई थी, तब अनिमेष का करियर दौड़ने लगा. शुरुआत फुटबॉल से हुई, लेकिन गांव के पास आर्मी के जवानों के साथ ट्रैक पर दौड़ते हुए उनकी स्पीड ने लोगों को चौंका दिया. किसी ने उन्हें लोकल रेस में भाग लेने की सलाह दी और वहीं से एथलेटिक्स की दुनिया में उनका प्रवेश हुआ.
जब कोच और खिलाड़ी की जिद ने इतिहास रचा

अनिमेष के कोच मार्टिन ओवेन्स बताते हैं, "वह बहुत बड़ा लड़का था, और खुद को ट्रेनिंग में लेने की जिद कर रहा था. हम दोनों में आज तक बहस होती है कि किसने किससे गुजारिश की थी!" HPC (हाई परफॉर्मेंस सेंटर) में आने के बाद अनिमेष ने पहले ही टूर्नामेंट में U-23 200 मीटर दौड़ जीत ली.

छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव घुइटानगर से निकले अनिमेष अब भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय लिख रहे हैं. वह पहले ही भारत के सबसे तेज धावक बन चुके हैं. उन्होंने 100 मीटर दौड़ 10.18 सेकेंड में पूरी कर ली और गुरिंदरवीर सिंह का 10.20 सेकेंड वाला रिकॉर्ड तोड़ दिया.

अनिमेष कुजूर ने एथलेटिक्स में क्या नया किया है?

सिर्फ 22 साल की उम्र में और 6 फीट 2 इंच लंबाई के साथ कुजूर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. जुलाई में उन्होंने पहली बार डायमंड लीग में हिस्सा लिया, जहां उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के उभरते सितारे गॉट गॉट (Gout Gout,) से हुआ, जो पहले से ही एथलेटिक्स की दुनिया में सबका ध्यान खींच रहे हैं.

मोनाको डायमंड लीग में कुजूर ने U-23 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और स्प्रिंट प्रतियोगिता में भारत के पहले प्रतिभागी बने. महान मंच से दबाव महसूस करने की बजाय, उन्होंने खुद को प्रेरित किया और दुनिया के कुछ सबसे बड़े उभरते सितारों के साथ पदक जीतने की लड़ाई लड़ी.

मुकाबले से डरने की बजाय अनिमेष  कुजूर ने कड़ी मेहनत की (20.55), लेकिन वह पोडियम से महज दसवें सेकेंड से चूक गए. निमेष दक्षिण अफ्रीका के जैक नईम (20.42 सेकेंड) से पीछे रहे.यह समय बहुत मायने रखता है. भारत को आमतौर पर 100 मीटर या 200 मीटर जैसी विश्व स्तरीय स्प्रिंट रेस में कम ही देखा गया है, लेकिन कुजूर  इस सोच को बदल रहे हैं. छत्तीसगढ़ की पूर्वी सीमा से आने वाले कुजूर लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में ला रहे हैं.

कुजूर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई कर पाएंगे?

हालांकि वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए सीधे क्वालीफाई करना (100 मीटर में 10.00 सेकें

ड और 200 मीटर में 20.16 सेकेंड) मुश्किल लगता है,लेकिन कुजूर रैंकिंग सिस्टम के जरिए क्वालिफाई करने की काबिलियत रखते हैं. फिर भी वह सीधे क्वालिफाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, जो उनकी अंदर की जज्बे का प्रमाण है.

अनिमेष के कोच ओवेन्स ने, जो इंटरव्यू में उनके साथ थे, मुस्कराते हुए कहा, 'अनिमेष को मेडल या रिकॉर्ड की चाह नहीं है, वो तो मेहनत के साथ अपने आप मिल जाते हैं. वह सिर्फ खुद को बेहतर बनाना चाहता है. इसीलिए ग्रां प्री में आना उसके लिए खास था- ये जानने के लिए कि बड़े खिलाड़ी क्या अलग करते हैं, वो कैसे रहते हैं, और वो क्या-क्या त्याग करते हैं. यह सिर्फ दौड़ने या वजन उठाने की बात नहीं है, इसमें आइसक्रीम खाना छोड़ना पड़ता है, शादियों में नहीं जाना पड़ता है और भी बहुत कुछ छोड़ना होता है.'

ओवेन्स का मानना है कि डायमंड लीग में आना और नोआ लाइल्स (100 मीटर) तथा लेट्सिले तेबोगो (200 मीटर) जैसे ओलंपिक चैम्पियनों के साथ रहना, इस युवा एथलीट के लिए सही दिशा में उठाया गया एक अहम कदम था.

डायमंड लीग में कुजूर का अनुभव कैसा रहा?

रिलायंस फाउंडेशन की ओर से रखे गए इस इंटरव्यू में कुजूर ने कहा, 'मैंने लाइल्स और टेबोगो को देखा, उनके साथ तस्वीरें लीं और उनके वॉर्म-अप रूटीन देखे. मैंने अपने प्रशिक्षण में लागू करने के लिए बहुत कुछ सीखा. भीड़ खचाखच भरी थी, जोश चरम पर था…मैं बस दौड़ना चाहता था.'

हालांकि कुजूर ने माना कि वह मोनाको में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे. उनका समय 20.55 सेकेंड रहा, जो उनके पर्सनल बेस्ट 20.32 सेकेंड से धीमा था.

कोच ओवेन्स ने कहा, 'यह दौड़ तेज हवा (-1.9 मीटर/सेकेंड) के बीच हुई, जिससे सभी प्रतियोगियों की गति धीमी हो गई. इसके अलावा, मोनाको इस सीजन में कुजूर की यूरोप में तीसरी दौड़ थी, और थकान ने उन पर भारी असर डाला.'

ओलंपिक चैम्पियनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ने से पहले कुजूर पेशेवर एथलेटिक्स की दुनिया से दूर थे. दरअसल, कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान वह गंभीरता से दौड़ भी नहीं रहे थे. शुरुआत में वह एक फुटबॉल खिलाड़ी थे और कभी-कभी अपने गांव के पास सेना के जवानों के साथ दौड़ लिया करते थे.एक ऐसा इलाका जहां न तो कोई ट्रैक था, न कोच, और न ही किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को तैयार करने की कोई योजना… यह वो जगह थी, जहां से एक पीढ़ी का सबसे तेज धावक निकल आएगा, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था.

… तो क्या इस सुझाव ने अनिमेष को बड़ा धावक बना डाला?

लेकिन जैसा कहा जाता है, हर बड़ी यात्रा एक छोटे से कदम से शुरू होती है. कुजूर के लिए भी वो शुरुआत एक साधारण सुझाव से हुई-'क्यों न तुम एक स्थानीय दौड़ में हिस्सा लो?' जब उन्होंने अपनी पहली दौड़ पूरी की, तो उनके अंदर कुछ बदलाव आया.

यहां कहानी थोड़ी धुंधली हो जाती है.ओवेन्स ने मजाक में कहा, 'वह वास्तव में एक बड़ा लड़का था, और उसने मुझसे रिलायंस फाउंडेशन एचपीसी (हाई परफॉरमेंस सेंटर) में ले जाने की विनती की.'

'यह एक मजेदार कहानी है. वह कहता है कि मैंने उससे शामिल होने के लिए विनती की थी, लेकिन मैं कहता हूं कि उसने मुझसे विनती की थी. इसलिए हममें से किसी एक की याददाश्त बेहतर है,' ओवेन्स ने हंसते हुए कहा और मुश्किल से अपनी बात पूरी की.

ओवेन्स के मार्गदर्शन में कुजूर ने अपनी प्रतिभा जल्दी ही साबित कर दी, जब उन्होंने अपनी पहली उम्र वर्ग चैम्पियनशिप में U-23 200 मीटर दौड़ जीती. उनकी बड़ी कद-काठी ने कुछ लोगों को उम्र धोखाधड़ी का शक दिलाया, लेकिन उनकी तेज रफ्तार को नकारा नहीं जा सकता था.

ओवेन्स ने याद करते हुए कहा, 'वह कच्चा था, बिल्कुल कच्चा, इसलिए हमने सोचा कि हम उसके साथ कुछ कर सकते हैं. जब वह एचपीसी में शामिल हुआ, तो हमें एहसास हुआ कि वह हिल-डुल नहीं सकता. उसकी कोई गतिशीलता नहीं थी. इसलिए हमने उसकी गतिशीलता पर बहुत काम किया और उसे ढीला छोड़ा.'

अधिक देर से दौड़ शुरू करने के बावजूद ओवेन्स- अनिमेष के साथ क्यों लगे रहे?

ओवेन्स कहते हैं कि अनिमेष की विनम्रता सबसे खास बात थी, और यह आज भी वैसी ही है.ओवेन्स ने कहा. 'उसकी एक और अच्छी बात यह है कि वह एक युवा इंसान के रूप में बहुत ही शिष्ट, सावधान और दूसरों के प्रति दयालु है. और वह हमेशा अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्रेरित रहता है.'

अपने सबसे अच्छे बनने की चाह उसकी प्रगति में साफ दिखती है.ओवेन्स के मुताबिक, वह रेस जिसने अनिमेष को सुर्खियों में लाया (2025 के नेशनल गेम्स), जहां उसने 10.28 सेकेंड में दौड़ पूरी की, असल में एक खराब प्रदर्शन था.

ओवेन्स ने कहा, 'नेशनल गेम्स में वह अद्भुत लय में था. धीमी शुरुआत के बाद उसने मैदान में दौड़ लगाई और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया.'इसके बाद कुजूर ने ग्रीस में ड्रोमिया मीट में 0.10 सेकेंड का समय कम किया और सबसे तेज भारतीय बन गए.

क्या अनिमेष कुजूर 10 सेकेंड की सीमा पार कर पाएंगे?

वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए क्वालिफाई करने के लिए अनिमेष को 100 मीटर में 10 सेकेंड और 200 मीटर में 20.16 सेकेंड का समय चाहिए.

कोच ओवेन्स कहते हैं, 'अगर सही इंसान, सही समय और सही हालात मिल जाएं, तो भारत के टॉप 5 धावकों में से कोई भी ये कर सकता है. लेकिन सबसे ज्यादा उम्मीद कुजूर से है.'

ओवेन्स ने कहा, 'जब कोई 10 सेकेंड का समय पार कर लेगा, तो मैं भारत का सबसे खुश इंसान होऊंगा… लोग मुझसे यह पूछना बंद कर दें कि 'यह कब होगा?' धैर्य रखें और प्रक्रिया पर भरोसा रखें. यह सही व्यक्ति, सही दौड़, सही परिस्थितियों के साथ होगा, चाहे वह अनिमेष हो या कोई और. फिर तो भारत की मीडिया भी खुश हो जाएगा.'

अनिमेष भी इससे पूरी तरह सहमत हैं  और जोर देकर कहते हैं- 'नेशनल गेम्स में मेरी फॉर्म 10 सेकेंड से कम दौड़ने की थी, लेकिन शुरुआत अच्छी नहीं हुई.. इसलिए नहीं हो पाया. कोच ने कहा था- समय लगेगा, बस भरोसा रखो. हम तुम्हें 100 मीटर 10 से कम और 200 मीटर 20 से कम में दौड़ाएंगे.बस प्रोसेस पर भरोसा रखो.' 

कोच ओवेन्स को ज्यादा उम्मीद अनिमेष कुजूर से क्यों?

मोनाको डायमंड लीग के प्रदर्शन के आंकड़े बताते हैं कि अनिमेष 40-130 मीटर के निशान के बीच  गॉट गॉट के बराबर था. अन्य वर्गों में गॉट गॉट थोड़ा तेज था, शायद यहां-वहां बस दसवें हिस्से से.

ओवेन्स को पूरा भरोसा है कि अगर सही तरीके से ट्रेनिंग की जाए, तो कुजूर 200 मीटर दौड़ के हर हिस्से में और तेज हो सकता है. ओवेन्स ने कहा, 'हम हर हिस्से को और तेज बनाना चाहते हैं. जहां अनिमेष ने गॉट गॉट को बराबरी दी, वहां भी हम उसे और बेहतर करना चाहते हैं. हम कमजोरियों पर काम करेंगे और ताकत को और बढ़ाएंगे.'

और शायद यही था मोनाको डायमंड लीग में हिस्सा लेने का असली मकसद- ये समझना कि अनिमेष दुनिया के उभरते टैलेंट्स के बीच कहां खड़ा है.

अनिमेष के लिए आगे का सीजन बेहद व्यस्त है. 15 जुलाई को उन्होंने लूजर्न में एक सिल्वर स्टैंडर्ड मीट में 100 मीटर स्प्रिंट में 10.28 सेकेंड का समय लेकर दूसरा स्थान हासिल किया, जो भारत के अगले सर्वश्रेष्ठ धावक गुरिंदरवीर सिंह (10.54 सेकेंड) से काफी आगे था.इसके बाद वह जर्मनी के बोखुम में प्रशिक्षण लेंगे, और फिर टोक्यो (सितंबर) में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप से पहले और भी मीट्स के लिए भारत लौटेंगे.

तकनीकी सुधार से बना तेज धावक

ओवेन्स याद करते हैं, "जब वह हमारे पास आया तो उसकी बॉडी काफी सख्त थी. हमने महीनों तक मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी पर काम किया. वह बेहद विनम्र और मेहनती था, इसीलिए हमने उसे चुना."
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और मोनाको का सफर

2025 के नेशनल गेम्स में अनिमेष ने धीमी शुरुआत के बावजूद 10.28 सेकंड का समय निकाला और रिकॉर्ड तोड़ दिया. फिर ग्रीस में ड्रोमिया मीट में उन्होंने इसे सुधारकर 10.18 सेकंड कर दिया भारत का अब तक का सबसे तेज 100 मीटर. मोनाको डायमंड लीग में उन्होंने 20.55 सेकंड में 200 मीटर दौड़ी, हालांकि ये उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (20.32) नहीं था. परंतु -1.9 m/s की हेडविंड और लगातार तीन रेसों की थकावट को देखते हुए, यह प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा.
विश्व चैंपियनशिप की तैयारी

सीधी क्वालिफिकेशन के लिए उन्हें 100 मीटर में 10.00 और 200 मीटर में 20.16 का समय चाहिए. कोच ओवेन्स कहते हैं, "अगर सही वक्त, सही रेस और सही परिस्थितियां मिलें, तो भारत का कोई भी टॉप 5 धावक यह कर सकता है." अनिमेष भी आत्मविश्वास से कहते हैं, "नेशनल गेम्स में मैं 10 सेकंड से नीचे जा सकता था, लेकिन शुरुआत खराब थी. कोच ने कहा है समय लगेगा, लेकिन हम 10 सेकंड से कम और 20.00 से कम दौड़वाएंगे."
आदर्शों से सीख, खुद को गढ़ने की ललक

मोनाको में ओलंपिक चैंपियनों नोहा लायल्स और लेत्सिले टेबोगो को देखकर अनिमेष ने उनकी वॉर्मअप रूटीन, व्यवहार और फोकस को करीब से समझा. उन्होंने कहा, "मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा, और अब अपनी ट्रेनिंग में लागू करूंगा."
अब लक्ष्य: नई सीमाओं को तोड़ना

अब वे जर्मनी के बोखुम में ट्रेनिंग करेंगे और फिर भारत लौटकर और मीट्स में हिस्सा लेंगे. उनका मिशन स्पष्ट है—विश्व चैंपियनशिप के लिए योग्यता और एक नया इतिहास रचना. एक समय था जब भारत के नाम पर किसी को स्प्रिंट में उम्मीद नहीं होती थी, लेकिन आज अनिमेष जैसे एथलीट उस सोच को बदल रहे हैं.

 

You Might Also Like

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….

धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू…

बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 : 9,800 से अधिक धावकों के साथ रचा इतिहास, वैश्विक मंच पर चमका बस्तर….

News Desk July 18, 2025 July 18, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article नागपुर-झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन परियोजना में तेजी की मांग: ऊर्जा बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री… नागपुर-झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन परियोजना में तेजी की मांग: ऊर्जा बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री…
Next Article धान खरीदी का अनुमान 70 से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन: केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश के किसानों को मिलेगा लाभ धान खरीदी का अनुमान 70 से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन: केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश के किसानों को मिलेगा लाभ
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….
मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….
धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…
संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू…
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Pragya Telang
मोबाइल - 7999882386
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - G2 Amrit Niwas , Gandhi Nagar , Gudhiyari , Raipur , Chhattisgarh
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
« Feb    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?