By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: उज्जैन मस्जिद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर मुस्लिम पक्ष को दिया झटका
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
K News 18 > Blog > राज्य > मध्यप्रदेश > उज्जैन मस्जिद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर मुस्लिम पक्ष को दिया झटका
मध्यप्रदेशराज्य

उज्जैन मस्जिद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर मुस्लिम पक्ष को दिया झटका

News Desk
Last updated: 2025/11/07 at 6:08 PM
News Desk
Share
5 Min Read
उज्जैन मस्जिद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर मुस्लिम पक्ष को दिया झटका
SHARE

उज्जैन 

सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने उज्जैन स्थित तकिया मस्जिद के विध्वंस को बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। यह याचिका इस मस्जिद में नमाज अदा करने वाले 13 स्थानीय नागरिकों ने दायर की थी, और इसके जरिए उन्होंने आरोप लगाया गया था कि मध्य प्रदेश सरकार ने महाकाल मंदिर के पार्किंग क्षेत्र को बढ़ाने के लिए उनकी 200 साल पुरानी मस्जिद को तोड़ दिया है। इस याचिका के जरिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत की मांग करते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाने की अपील की थी, ताकि उस जगह पर कोई निर्माण कार्य ना हो सके। साथ ही इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि विध्वंस और अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया था और इसके लिए मुआवजा भी दिया गया था। अदालत ने कहा कि 'वैधानिक योजना के अंतर्गत यह जरूरी है कि प्रभावितों को मुआवजा दिया जाए।'

अदालत ने इस बात का उल्लेख भी किया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा पहले उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका वापस ले ली गई थी। न्यायालय ने कहा, 'आपने उसी… मांग को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की थी, जिसे वापस लेते हुए खारिज कर दिया गया था।'

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष रखा और उच्च न्यायालय के तर्क को कानून की दृष्टि से गलत बताया। उन्होंने कहा 'जिस तरह से यह किया गया है। इस पर विचार करने की जरूरत है। विवादित आदेश को पारित करते हुए यह तर्क दिया गया है कि याचिकाकर्ता अपने घर में या कहीं और भी नमाज अदा कर सकते हैं। यह तर्क दिया गया है।'

हालांकि सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'उच्च न्यायालय ने बहुत अच्छा तर्क दिया है कि याचिका खारिज कर दी गई और वापस ले ली गई, और मुआवजा दिया गया।' इसके बाद जब शमशाद ने कहा कि, 'मुआवजा अनधिकृत व्यक्तियों को दिया गया था।' तो अदालत ने याद दिलाया, 'इसके लिए आपके पास कानून के अंतर्गत उपाय मौजूद हैं।'

आगे अपनी बात को मजबूती से रखते हुए शमशाद ने कहा, 'यह बहुत गंभीर मामला है। क्योंकि आपको किसी अन्य धार्मिक स्थल के लिए पार्किंग की जरूरत है और आप हमारी मस्जिद को गिरा देते हैं और कहते हैं कि आपके पास इसका अधिकार नहीं है?' हालांकि, इसके बाद भी पीठ ने उनकी अपील खारिज कर दी।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, मस्जिद को 1985 में वक्फ के रूप में अधिसूचित किया गया था और इस साल जनवरी में 'अवैध घोषित किए जाने और मनमाने तरीके से ध्वस्तीकरण' से पहले 200 सालों तक इसका जीवित मस्जिद के रूप में इस्तेमाल होता रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह यह विध्वंस पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991, वक्फ अधिनियम 1995 (अब एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995) और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में निष्पक्ष मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 का उल्लंघन था।

याचिका में यह भी दावा किया गया था कि ध्वस्तीकरण से पहले सरकार की ओर से की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितता है। याचिकाकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राज्य सरकार ने अधिग्रहण की झूठी कहानी गढ़ने के लिए क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियों और अतिक्रमणकारियों को मुआवजा दे दिया। याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद को दोबारा बनवाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच ने याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

You Might Also Like

वित्त मंत्री ओपी चौधरी से रायगढ़ वुशू क्लब के युवा खिलाड़ियों ने की आत्मीय मुलाकात…..

भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की….

उप मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री ने कबीरधाम में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की मैराथन समीक्षा….

सेवा और सुशासन के 12 वर्ष: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत प्रबुद्धजनों से किया आत्मीय संवाद….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन को मिल रही नई मजबूती, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी आम नागरिकों का भरोसेमंद मंच, ड्राइविंग लाइसेंस की शिकायतों का हुआ समयबद्ध समाधान…

News Desk November 7, 2025 November 7, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article राज्यपाल  पटेल को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का बैज और स्कार्फ पहनाया राज्यपाल पटेल को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का बैज और स्कार्फ पहनाया
Next Article कलेक्टोरेट के 100 मीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन और लाउडस्पीकर पर पाबंदी, प्रशासन ने जारी किया आदेश कलेक्टोरेट के 100 मीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन और लाउडस्पीकर पर पाबंदी, प्रशासन ने जारी किया आदेश
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

वित्त मंत्री ओपी चौधरी से रायगढ़ वुशू क्लब के युवा खिलाड़ियों ने की आत्मीय मुलाकात…..
वित्त मंत्री ओपी चौधरी से रायगढ़ वुशू क्लब के युवा खिलाड़ियों ने की आत्मीय मुलाकात…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की….
भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
उप मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री ने कबीरधाम में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की मैराथन समीक्षा….
उप मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री ने कबीरधाम में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की मैराथन समीक्षा….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सेवा और सुशासन के 12 वर्ष: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत प्रबुद्धजनों से किया आत्मीय संवाद….
सेवा और सुशासन के 12 वर्ष: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत प्रबुद्धजनों से किया आत्मीय संवाद….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Pragya Telang
मोबाइल - 7999882386
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - G2 Amrit Niwas , Gandhi Nagar , Gudhiyari , Raipur , Chhattisgarh
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
« Jun    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?