By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: प्रशासन में एआई के प्रयोग से पारदर्शिता के साथ ही घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान हुआ संभव: सोनमणि बोरा….
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

K News 18

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
K News 18 > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ जनसंपर्क > प्रशासन में एआई के प्रयोग से पारदर्शिता के साथ ही घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान हुआ संभव: सोनमणि बोरा….
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

प्रशासन में एआई के प्रयोग से पारदर्शिता के साथ ही घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान हुआ संभव: सोनमणि बोरा….

News Desk
Last updated: 2026/05/22 at 7:45 PM
News Desk
Share
7 Min Read
प्रशासन में एआई के प्रयोग से पारदर्शिता के साथ ही घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान हुआ संभव: सोनमणि बोरा….
SHARE

रायपुर: जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 अंतर्गत आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आज राज्य स्तरीय एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी की गरिमामयी उपस्थिति रही। आदिम जाति विकास विभाग के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं प्रौद्योगिकी के प्रयोग से पारदर्शिता, समय की बचत एवं घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान संभव हुआ है। छत्तीसगढ़ जनजाति संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में बड़े पैमाने पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक के प्रयोग में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि एआई का प्रयोग पारंपरिक ज्ञान को संजोने, रिमोट एरिया में स्वास्थ्य सुधार, लघु वनोपजों एवं कृषि मंडियों के डिजिटलीकरण, स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, कौशल विकास, सरकारी योजनाओं की अधिक सुगमता से जानकारी एवं लाभ इत्यादि में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनजातीय विकास में एआई का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। परन्तु एआई मनुष्य की संवेदनशील मानसिकता की प्रतिकृती नहीं कर सकती है। अतः आवश्यकता एवं उपयोगिता के आधार पर जनजातीय क्षेत्र में एआई का प्रयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सबसे दूर, सबसे पहले के ध्येय वाक्य को सार्थक करना है।

जनजातीय विकास में एआई और नई तकनीकों की भूमिका पर हुआ मंथन

संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी ने कांकेर जेल मे बंद नक्सल आदिवासियों पर किए जा रहे उनके कौशल विकास के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनमें से 08 कैदियों द्वारा वंदे मातरम पर किए गए कार्य को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया है। उन्होंने सरकार को इनकी प्रतिभा पर ध्यान देने का आग्रह किया और कहा कि यदि ईमानदारी के साथ कार्य किया जाए तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से जनजातीय विकास के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है।

टीआरटीआई के संचालक श्रीमती हीना अनिमेष नेताम ने कार्यशाला के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर अपर संचालक श्री संजय गौढ़, संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम मौजूद रही। वहीं वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास तथा परियोजना प्रशासक जुड़े थे। एनआईसी डायरेक्टर के श्री सत्येश शर्मा ने संगोष्ठी में बताया कि यूज ऑफ टेक्नेलॉजी और सर्विस डिलवरी देना दोनों अलग-अलग तथ्य है और चुनौती भी है। उन्होंने बताया कि टेक्नेलॉजी के क्ष़्ोत्र में गुणवत्तायुक्त डाटा संग्रहण प्रमुख पहलु है। उन्होंने डेटा का वेरिफिकेशन करने के साथ-साथ डेटा की कमी को पूरा करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि डेटा का सलेक्शन सही नहीं होने पर सर्विस डिलवरी में भी समस्या आएगी। उन्होंने बताया कि अगर डेटा का इनपुट सही नहीं होने से परिणाम बायस्ड् आती हैं। उन्होंने कहा कि यदि एआई मशीन में आएगा तो सारा डिसीजन मशीन ही लेने लगेगा और हमें रिप्लेस करने की कोशिश करना होगा। आईआईएम के श्री अमित कुमार जनजातीय उद्यमिता एवं र्स्टाटअप में एआई का उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने एआई के प्रयोग में स्थानीय लेग्वेंज को सबसे बढ़ी बाधा बताया। उन्होंने वास्तविक परिणाम के लिए बोली-भाषा के ज्ञान पर बल दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों में टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक तथा अनेक स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपलब्धता हेतु शासकीय स्तर पर भी अभियान चलाने के सुझाव दिए।

समर्थन संस्था से श्री देवीदास निम्जे ने कहा कि यदि हम स्थानीय स्तर पर एक गांव की बात करें तो किसान को खेती के संबंध में सब कुछ पता होता है, किन्तु नई तकनीकी की जानकारी के अभाव में गांव के दो-तीन लोगों पर ही केन्द्रित होना पड़ता है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक करते हुए नेटवर्क बढ़ने पर बल दिया।

एनआईटी के डॉ. राकेश त्रिपाठी ने संगोष्ठी में एआई से स्थानीय ज्ञान को बढ़ाने, ज्ञान सैद्धान्तिक इस्तेमाल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा ज्ञान को सुदृढ़ कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एआई के माध्यम से अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। आईआईआईटी नवा रायपुर के डॉ. रामाकृष्ण ने ड्रॉपआउट और पास पर्सनल, क्वालिटी ऑफ टीचिंग और लर्निंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने डेटा मेनटेन करने साथ-साथ आम आदमी तक टेक्नोलॉजी की पहंुच पर जोर दिया। उन्होंने एआई युजर को प्रोटेक्ट करने बायस्ड् इंफॉरमेशन न मिले इस पर भी अपना विचार व्यक्त किया। जनजातीय विशेषज्ञ श्री अश्वनी कांगे ने “जनजातीय नेतृत्व आधारित सतत विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर अपना वक्तव्य दिया गया। श्री कांगे अंदरूनी क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी की पहुंच पर जोर दिया उन्होंने कहा कि जनजातीय पारंपरिक ज्ञान को एक टूल में बाधंना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के हर पहलु जैसे बीजा पण्डुम, कृषि रस्मों-रिवाज में ज्ञान समाहित है, जिस पर वृहद रूप से चर्चा करने की आवश्कता है।

संगोष्ठी अंतर्गत विशेषज्ञों के द्वारा मुख्य रूप से गुणवत्तायुक्त डॉटा के संकलन पर जोर दिया। विशेषज्ञों को मानना है कि किसी विषय पर जितना ज्यादा डेटा उपलब्ध होगा, उतनी ही विश्वसनीयता और सहजता के साथ एआई को डाटा विश्लेषण कर सही प्रमाण देने में ज्यादा सक्षम होगा।
साथ ही एआई की मदद से जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास तथा स्वास्थ्यगत समस्याओं के निवारण में बेहतर कार्य होगा। क्योंकि अंतिम छोर में माने जाने वाले जनजातीय समुदाय से विकास की गति को प्रारंभ करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में उनके ज्ञान को मूल रूप में सहेजते हुए उनकेे विचारों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि उनके सामाजिक मूल्यों और आधुनिक तकनीकों में सामंजस्य बना रहे। संगोष्ठी में शामिल अन्य विषय-विशेषज्ञों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

जनजातीय गरिमा महोत्सव 2026

You Might Also Like

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, रायपुर से रवाना हुए श्रद्धालु, शिर्डी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के करेंगे दर्शन…..

सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की….

सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की….

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे….

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : चयन ट्रायल के पहले दिन 223 खिलाड़ी उतरे मैदान पर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों से की मुलाकात…..

News Desk May 22, 2026 May 22, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article ’छत्तीसगढ़ चाय व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष ने की राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट’…. ’छत्तीसगढ़ चाय व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष ने की राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट’….
Next Article सुशासन तिहार 2026 के तहत 23 मई को बड़ाकरौंजा में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों का होगा त्वरित समाधान…. सुशासन तिहार 2026 के तहत 23 मई को बड़ाकरौंजा में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों का होगा त्वरित समाधान….
- Advertisement -
Ad imageAd image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, रायपुर से रवाना हुए श्रद्धालु, शिर्डी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के करेंगे दर्शन…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
//

यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

संपादक - Pragya Telang
मोबाइल - 7999882386
ईमेल - hindkeraja.in@gmail.com
कार्यालय - G2 Amrit Niwas , Gandhi Nagar , Gudhiyari , Raipur , Chhattisgarh
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?